बुधवार, 15 अप्रैल 2015

कविता-११३ : "औरत की कहानी..."

सोचा...

लिखूं औरत के
दर्द की कहानी...

पर !

औरत के दर्द नें
ही तो लिखी
कहानी
जिंदगी की...!!!

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_________आपका अपना ‘अखिल जैन’_________

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